खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर नए सिरे से ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस तनाव के बीच कुवैत में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए हवाई सुरक्षा सिस्टम को एक्टिव किया गया और देशभर में खतरे के सायरन बजाए गए हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास एक हफ्ते के भीतर यह तीसरा बड़ा सैन्य टकराव है, जिसने पूरे इलाके में रहने वाले प्रवासियों और खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका ने ईरान पर क्यों किए हमले और क्या हुआ नुकसान?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) के अनुसार, उसने सप्ताहांत यानी 30 और 31 मई 2026 को ईरान के सैन्य ठिकानों पर आत्मरक्षा में हमले किए। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उड़ान भर रहे एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था। इसके जवाब में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के गोरुक और क्येश्म द्वीप पर बने रडार सिस्टम, ड्रोन ठिकानों और हवाई रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने हमलों में ईरान के दो आत्मघाती ड्रोन और एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को तबाह करने की बात कही है।

ईरान का जवाबी हमला और कुवैत में क्यों बजे खतरे के सायरन?

अमेरिकी हमलों के जवाब में सोमवार, 1 जून 2026 को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दक्षिणी ईरान पर हमला करने वाले अमेरिकी बलों के एक हवाई अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया। इसी दौरान, अमेरिकी सहयोगी कुवैत की सेना ने सोमवार को घोषणा की कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की सीमा में घुस रहे मिसाइलों और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया। इस हमले के दौरान कुवैत में हर तरफ खतरे के सायरन बजने लगे, जिससे आम जनता और वहां काम करने वाले प्रवासी भारतीय भी चिंतित नजर आए।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और समुद्री सीमा पर क्या हैं ताज़ा हालात?

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अपना पूरा नियंत्रण होने का दावा किया है और वहां से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए IRGC नौसेना से मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी की हुई है। 31 मई 2026 को अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में एक गाम्बिया के झंडे वाले व्यापारिक जहाज M/V Lian Star को चेतावनी देने के बाद मिसाइल दागकर निष्क्रिय कर दिया, जो ईरानी बंदरगाह की तरफ जा रहा था। फिलहाल इस तनाव को कम करने और समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोलने के लिए बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इस सैन्य तनाव का कुवैत पर कोई असर पड़ा है?

हां, कुवैत में सोमवार को संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण देशभर में खतरे के सायरन बजाए गए थे। हालांकि, कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नाकाम कर दिया।

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा विवाद क्यों शुरू हुआ?

विवाद की शुरुआत ईरान द्वारा अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के समुद्री मार्ग पर अपने पूर्ण नियंत्रण का दावा करने के बाद हुई, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.