अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए स्विट्जरलैंड में बड़ी बैठक होने जा रही है। इस बातचीत का सबसे मुख्य मुद्दा इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रही जंग को रोकना है। दोनों देशों के बड़े नेता रविवार, 21 जून 2026 को एक मेज पर बैठेंगे ताकि इलाके में शांति लाई जा सके।

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यह बैठक पहले शुक्रवार, 19 जून को होनी थी, लेकिन इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई तेज होने की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया गया। अब यह चर्चा स्विट्जरलैंड के Bürgenstock Resort में होगी। इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance टीम की अगुवाई करेंगे, जबकि ईरान की तरफ से संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf मौजूद रहेंगे।

हफ्ते की शुरुआत में दोनों देशों ने एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर साइन किए थे। इसमें तय हुआ था कि जंग रोकी जाएगी, Strait of Hormuz के समुद्री रास्ते को दोबारा खोला जाएगा और अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि 60 दिनों तक इस रास्ते से गुजरने वालों को कोई टोल टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन अगर आखिरी समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका टैक्स लगा सकता है।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि आखिरी डील तभी होगी जब सभी वादे पूरे किए जाएंगे, वरना समझौता खतरे में पड़ सकता है। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे हमलों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हिजबुल्लाह को भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जरूरी होगा, उनके सैनिक दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में रहेंगे। वहीं हिजबुल्लाह ने कहा कि जब तक इसराइल पूरी तरह वहां से नहीं हटता, वे लेबनान की रक्षा करते रहेंगे।

इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान, कतर और स्विट्जरलैंड बीच-बचाव कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने पुष्टि की है कि 21 जून को तकनीकी स्तर की बातचीत होगी। इस मीटिंग में IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi भी शामिल हो सकते हैं क्योंकि अमेरिका चाहता है कि ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच हो।

ताजा जानकारी के मुताबिक, शनिवार को भी इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच भीषण लड़ाई हुई, जिसमें लेबनान में 16 लोगों की मौत हुई और हिजबुल्लाह ने 50 से ज्यादा प्रोजेक्टाइल दागे। इसी बीच ईरान ने दावा किया कि उसने Strait of Hormuz को फिर से बंद कर दिया है, लेकिन अमेरिका ने इस बात को गलत बताया है। अमेरिकी कमांड (CENTCOM) का कहना है कि जहाजों की आवाजाही सामान्य है और उनकी सेना स्थिति पर नजर रखे हुए है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.