अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत बिना किसी बड़े नतीजे के खत्म हो गई है। हालांकि, दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि वे अपनी चर्चा जारी रखेंगे। इस बैठक का मकसद कई पुराने विवादों को सुलझाना था, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया।
बैठक की पूरी जानकारी
यह बातचीत 21 और 22 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के Bürgenstock Resort में हुई। इससे पहले 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक 14 पॉइंट का समझौता (MOU) किया था। उस समझौते में 60 दिनों के लिए युद्धविराम और Strait of Hormuz को खुला रखने की बात कही गई थी।
बैठक में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner शामिल थे। वहीं ईरान की तरफ से संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने नेतृत्व किया। इस पूरी प्रक्रिया में Qatar और Pakistan ने मध्यस्थ के तौर पर बड़ी भूमिका निभाई।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा
- लेबनान में पूरी तरह से युद्धविराम लागू करना।
- ईरान की जमी हुई संपत्तियों को वापस करना।
- ईरानी तेल के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए एक ड्राफ्ट तैयार करना।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम और आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करना।
तनाव की वजह और रुकावटें
बातचीत के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब राष्ट्रपति Trump ने सैन्य कार्रवाई और Strait of Hormuz पर टोल लगाने की धमकी दी। इस बात से ईरानी टीम काफी नाराज हो गई और एक समय तो वे आमने-सामने की बातचीत से बाहर निकल गए। हालांकि, Qatar और Pakistan के जरिए बातचीत पीछे से चलती रही।
इसी बीच ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने का ऐलान किया और लेबनान में इजरायल के हवाई हमलों ने भी इस समझौते की स्थिरता को खतरे में डाल दिया।
