मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में बड़ी बातचीत होने जा रही है। इस बैठक में पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों की तकनीकी टीमें लुसर्न के पास बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में मुलाकात कर रही हैं ताकि शांति बहाली की कोशिशें जारी रहें।

शुरुआत में यह बड़ी बैठक शुक्रवार, 19 जून को होनी थी, लेकिन इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते झगड़े की वजह से इसे टाल दिया गया था। हालांकि, 20 जून को दोनों के बीच फिर से युद्धविराम (Ceasefire) हो गया, जिसके बाद बातचीत का रास्ता खुला। पाकिस्तान ने ऐलान किया है कि इस समझौते को लागू करने के लिए तकनीकी स्तर की बातचीत रविवार, 21 जून को होगी।

यह पूरी बातचीत एक 14 पॉइंट के समझौते (MoU) पर आधारित है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते का मुख्य मकसद सैन्य अभियानों को तुरंत और हमेशा के लिए रोकना है। साथ ही, अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि इस डील का मुख्य उद्देश्य हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत फिर से खोलना है।

बैठक में शामिल मुख्य लोग और देश:

  • अमेरिका: जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड पहुँच चुके हैं।
  • ईरान: विदेश मंत्री अब्बास अराघची के आने की संभावना है, लेकिन यह इसराइल-हिजबुल्लाह युद्धविराम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
  • कतर: प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी 19 जून को ही स्विट्जरलैंड पहुँच गए थे।
  • पाकिस्तान: पाकिस्तान एक अहम मध्यस्थ के तौर पर अपनी तकनीकी टीम के साथ मौजूद है।
  • स्विट्जरलैंड: यहाँ के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वे इस बातचीत के लिए एक सुरक्षित और गोपनीय जगह उपलब्ध करा रहे हैं।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.