ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ी खबर आई है। मॉस्को में मौजूद ईरान के राजदूत और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया है कि अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत को लेकर आपस में कोई तालमेल ही नहीं है। एक तरफ जहां पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच समझौता काफी करीब बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान पर कुछ सैन्य हमले भी किए हैं जिससे तनाव बढ़ गया है।
ℹ: ईरान की सेना ने अमेरिका और इसराइल को दी खुली चेतावनी, बोले हमारी तैयारी अब सबसे खतरनाक स्तर पर है।
ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों के तालमेल पर क्या सवाल उठाए हैं?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने बताया कि बातचीत के दौरान कई अहम मुद्दों पर सहमति तो बन गई है, लेकिन अमेरिका के बार-बार बदलते रुख के कारण अंतिम समझौते में देरी हो रही है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों के स्टैंड में तालमेल की भारी कमी है। इसी बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी माना है कि समझौता होने में कुछ दिन लग सकते हैं क्योंकि अभी समझौते के कुछ वाक्यों पर असहमति बनी हुई है। इससे पहले ईरान के राजदूत Kazem Jalali और विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी अमेरिकी इरादों पर शक जताया था।
बातचीत के बीच अमेरिका के हमले और डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी शर्त
एक तरफ दोहा में बातचीत के लिए ईरानी वार्ताकार पहुंचे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों पर हमले किए हैं। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद सख्त शर्त रख दी है। ट्रंप का कहना है कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम या तो तुरंत अमेरिका को सौंपना होगा या फिर एटॉमिक एनर्जी कमीशन की निगरानी में उसे नष्ट करना होगा। ईरान ने फिलहाल ट्रंप की इस शर्त को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है।
पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता से क्या उम्मीद है?
इस पूरे मामले में पाकिस्तान और ओमान लगातार मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने चीनी विदेश मंत्री को बताया था कि दोनों देशों के बीच समझौता होने के बहुत करीब है। हालांकि हालिया अमेरिकी हमलों और ट्रंप की नई शर्तों ने माहौल को थोड़ा पेचीदा बना दिया है। आम लोग इस बातचीत के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता जल्द होने वाला है?
दोनों देशों के बीच काफी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के बदलते बयानों और यूरेनियम को लेकर रखी गई नई शर्तों के कारण अंतिम फैसला होने में कुछ दिनों का समय लग सकता है।
बातचीत के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमले क्यों किए?
अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए हैं, लेकिन इसके बावजूद ईरानी वार्ताकार बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए दोहा पहुंच चुके हैं।