अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और अमेरिका एक समझौते पर पहुंचने के लिए अच्छी स्थिति में है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ी चेतावनी भी दी है कि अगर बातचीत से कोई स्थायी समाधान नहीं निकला, तो अमेरिका फिर से सैन्य हमले शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

60 दिनों के युद्धविराम और समझौते पर बातचीत जारी

दोनों देशों के बीच इस समय तनाव कम करने के लिए बातचीत का दौर चल रहा है। 29 मई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की घोषणा की थी कि वह व्हाइट हाउस के एक सुरक्षित कमरे में बैठक कर युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेंगे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य बातचीत के लिए अतिरिक्त समय निकालना और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना है।

सिंगापुर में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का बड़ा बयान

30 मई 2026 को सिंगापुर में आयोजित शांग्री-ला डायलॉग में बोलते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के पास किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सैन्य संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने सहयोगियों को भरोसा दिलाया कि अमेरिका मध्य पूर्व के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी अपनी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह निभाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य लक्ष्य एक ऐसा मजबूत समझौता करना है जिससे ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सके।

ईरान का रुख और वैश्विक प्रभाव

इस पूरे मामले पर ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा है कि उनका देश केवल वादों पर नहीं बल्कि अमेरिका के कदमों को देखकर ही किसी फैसले पर पहुंचेगा। ईरान ने इस बात से भी इनकार किया है कि अभी तक कोई युद्धविराम समझौता पूरी तरह से फाइनल हुआ है। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में काफी बदलाव आया है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इस बीच कजाकिस्तान ने भी समझौते के तहत ईरान के समृद्ध यूरेनियम को अपने यहां स्टोर करने की इच्छा जताई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है?

अभी तक समझौता पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है। अमेरिका 60 दिनों के युद्धविराम को बढ़ाने पर विचार कर रहा है, जबकि ईरान ने कहा है कि वह वादों के बजाय जमीन पर होने वाले कामों के आधार पर फैसला लेगा।

यदि वार्ता विफल रहती है तो अमेरिका की क्या योजना है?

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत विफल रहती है, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने के लिए तैयार है।

इस विवाद का वैश्विक बाजार पर क्या असर पड़ा है?

28 फरवरी से शुरू हुए इस तनाव के कारण ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और ईंधन की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.