अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए कतर की राजधानी दोहा में एक बड़ी बैठक शुरू हो गई है। सोमवार, 25 मई 2026 को ईरान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल कतर पहुंचा है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर बातचीत हो रही है, जिससे फारस की खाड़ी और समुद्री रास्तों में शांति बहाल की जा सके। इस संभावित डील पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।

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अमेरिका और ईरान की इस बड़ी डील में क्या-क्या शामिल है?

इस समझौते को एक ‘सहमति पत्र’ (MOU) या ‘सीजफायर डील’ के रूप में देखा जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर बात हो रही है:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से जहाजों के आने-जाने के लिए सुरक्षित रूप से खोलना।
  • 60 दिनों का अस्थायी संघर्ष विराम (Truce) लागू करना।
  • ईरान के तेल पर लगी अमेरिकी पाबंदियों को हटाना या उनमें ढील देना।
  • दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे या उनके सहयोगी देशों पर हमला न करने का वादा करना।
  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार पर फिर से बातचीत शुरू करना।

बैठक में कौन-कौन से अधिकारी हुए शामिल और क्या है ईरान की शर्त?

कतर में हो रही इस बैठक के लिए ईरान ने अपनी सबसे मजबूत टीम भेजी है। इसमें संसद अध्यक्ष और शीर्ष वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf, विदेश मंत्री Abbas Araghchi और सेंट्रल बैंक के प्रमुख Abdolnaser Hemmati शामिल हैं।

ईरान की सबसे बड़ी शर्त यह है कि कतर में रोकी गई उसकी 12 अरब डॉलर ($12 Billion) की संपत्ति को तुरंत जारी किया जाए। ईरान के सेंट्रल बैंक के प्रमुख का इस बैठक में शामिल होना साफ करता है कि पैसों की वापसी ईरान के लिए कितनी जरूरी है। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की जैसे देश इस डील के गारंटर बन सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बातचीत को लेकर कहा है कि वार्ता बहुत अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि या तो यह सबके लिए एक बहुत बेहतरीन डील होगी या फिर कोई डील नहीं होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि होर्मुज जलमार्ग को फिर से खोलने का फैसला जल्द ही आ सकता है।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी सोमवार को पुष्टि की कि कई मुद्दों पर अच्छी प्रगति हुई है, लेकिन अमेरिकी रुख में बदलाव के कारण डील फाइनल होने में थोड़ा वक्त लग सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कतर में हो रही इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करना, होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोलना और ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों को हटाना है।

ईरान ने समझौते के लिए क्या मुख्य शर्त रखी है?

ईरान ने कतर में फ्रीज की गई अपनी $12 बिलियन की सरकारी संपत्ति को तुरंत जारी करने की मांग रखी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.