अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की तरफ से आए नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इस खबर ने पूरी दुनिया, खासकर खाड़ी देशों में हलचल मचा दी है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है।

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ट्रंप ने क्यों नकारा ईरान का प्रस्ताव और अमेरिका का क्या स्टैंड है?

राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कह दिया कि वह ईरान के नए प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि अमेरिका इस लड़ाई में पहले ही जीत चुका है, लेकिन वह एक बड़ी जीत हासिल करना चाहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बना पाए।

  • व्हाइट हाउस का बयान: प्रवक्ता Anna Kelly ने पुष्टि की कि बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है।
  • ईरान की कोशिश: ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अपना संशोधित प्रस्ताव अमेरिका तक पहुँचाया था।
  • ब्लॉकेड पोर्ट्स: ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो रही है।

60 दिन की समय सीमा और अमेरिकी संसद में विवाद

1 मई 2026 को War Powers Resolution की 60 दिन की समय सीमा पूरी हो गई। नियम के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप को या तो सैन्य कार्रवाई खत्म करनी थी या कांग्रेस से इसकी मंजूरी लेनी थी। इस मुद्दे पर अमेरिकी सरकार के अंदर ही मतभेद दिख रहे हैं।

  • विपक्ष का आरोप: सीनेटर Jeanne Shaheen ने सरकार की आलोचना की और कहा कि प्रशासन के पास युद्ध को खत्म करने की कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है।
  • सरकार का तर्क: रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने दलील दी कि अप्रैल में हुए युद्धविराम ने इस 60 दिन की समय सीमा को रोक दिया था, इसलिए अब संसद की मंजूरी की जरूरत नहीं है।

दुनिया पर असर और आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी

इस युद्ध का असर अब सिर्फ सैन्य स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यापार और अर्थव्यवस्था तक पहुँच गया है। Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव बढ़ गया है।

  • कड़ा प्रतिबंध: US Treasury ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या कंपनी Strait of Hormuz से गुजरने के लिए ईरान को ‘टोल’ या पैसा देगी, उस पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होंगे।
  • UN की चिंता: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख Antonio Guterres ने कहा कि इस युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है।
  • यूरोप में तनाव: जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz द्वारा आलोचना किए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप अब जर्मनी, इटली और स्पेन से अमेरिकी सेना हटाने पर विचार कर रहे हैं।
  • मानवीय नुकसान: रिपोर्ट के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में 44 ईरानी नाविक मारे गए और 29 घायल हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होगा?

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है। ईरान ने शांति के लिए नया प्रस्ताव भेजा था, लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump ने उसे खारिज कर दिया है।

Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका ने क्या चेतावनी दी है?

US Treasury ने कहा है कि जो भी कंपनी या व्यक्ति ईरान को इस समुद्री रास्ते से गुजरने के लिए पैसे देगा, उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com