अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँच गई है जिसे जानकार ‘बिना युद्ध के घिसाव’ का दौर कह रहे हैं। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें तो हो रही हैं, लेकिन परमाणु हथियार और Strait of Hormuz जैसे मुद्दों पर विवाद गहरा गया है। ताजा हालात ने पूरी दुनिया की नज़रें इस क्षेत्र पर टिका दी हैं।

🚨: Kuwait Traffic Update: एक हफ्ते में 15 हजार से ज्यादा चालान, पुलिस ने पकड़े सैकड़ों लोग, सावधान रहें

ईरान ने अमेरिका को क्या नया प्रस्ताव दिया है?

ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में ईरान ने कहा है कि पहले Strait of Hormuz को दोबारा खोला जाए और युद्ध खत्म किया जाए। ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी हटा ले। परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को ईरान ने बाद के लिए टालने की बात कही है।

  • टोल टैक्स की मांग: ईरान इस जलमार्ग से गुज़रने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलना चाहता है, जिसके लिए वह ओमान की मदद ले सकता है।
  • कानूनी कदम: ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख Ebrahim Azizi ने संकेत दिया कि जलमार्ग को ईरानी सशस्त्र बलों के अधिकार में लाने और टोल टैक्स ईरानी रियाल में लेने के लिए कानून लाया जाएगा।
  • रूस से सलाह: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin से भी बातचीत की है।

अमेरिका और ट्रंप प्रशासन का इस पर क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और विदेश मंत्री Marco Rubio का रुख इस मामले में काफी सख्त है। अमेरिका का कहना है कि उसकी शर्तें नहीं बदली हैं और किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म करना होगा।

  • परमाणु शर्त: राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ़ किया है कि वह परमाणु कार्यक्रम खत्म होने के बाद ही स्थायी युद्धविराम और जलमार्ग को खोलने पर विचार करेंगे।
  • टोल टैक्स का विरोध: विदेश मंत्री Marco Rubio ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर टोल वसूलने के ईरान के प्रयास को खारिज कर दिया है।
  • बातचीत का मौका: ट्रंप का मानना है कि अमेरिका के पास सभी पत्ते हैं और अगर ईरान बात करना चाहता है तो वह खुद संपर्क कर सकता है।

विवाद की टाइमलाइन और अन्य देशों की भूमिका

यह पूरा विवाद पिछले कुछ महीनों में तेज़ी से बढ़ा है। इस संघर्ष में पाकिस्तान, ओमान और रूस जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने अमेरिका की रणनीति की आलोचना की है और कहा है कि इस संघर्ष में स्पष्ट रणनीति की कमी दिख रही है।

तारीख घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए जिससे संघर्ष की शुरुआत हुई।
7 अप्रैल 2026 दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी जिसे बाद में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया।
27-28 अप्रैल 2026 ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिए अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की शुरुआत कब हुई?

यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर सैन्य हमले किए थे।

Strait of Hormuz को लेकर ईरान की मुख्य मांग क्या है?

ईरान चाहता है कि इस जलमार्ग को उसकी सेना के नियंत्रण में रखा जाए और यहाँ से गुज़रने वाले सभी जहाजों से ईरानी रियाल में टोल टैक्स वसूला जाए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.