अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बड़ी बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई. करीब 21 घंटे तक चले इस मैराथन सेशन में दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया. ईरान का कहना है कि वह नेक नीयत के साथ आया था, लेकिन उसे अमेरिका पर भरोसा नहीं है.

🚨: अमेरिका और ईरान की बातचीत टूटी, इस्लामाबाद में 21 घंटे की मीटिंग के बाद भी नहीं बनी बात, युद्ध का खतरा बढ़ा

बातचीत क्यों नहीं हो पाई?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं था, खासकर परमाणु हथियार न बनाने की बात पर. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपना आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर दिया था, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला. वहीं, ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि पुरानी जंगों के अनुभवों की वजह से उन्हें अमेरिका पर विश्वास नहीं है. उनके मुताबिक अब अमेरिका को यह तय करना है कि वह ईरान का भरोसा कैसे जीत सकता है.

किन मुख्य मुद्दों पर हुई थी चर्चा?

इस मीटिंग में कई गंभीर विषयों पर बात हुई, जिनमें मुख्य रूप से ये शामिल थे:

मुख्य मुद्दे विवरण
परमाणु कार्यक्रम ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर विवाद
होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री रास्ते से पारगमन का मामला
युद्ध मुआवज़ा जंग के दौरान हुए नुकसान की भरपाई
जमी हुई संपत्ति ईरान की फ्रीज़ की गई संपत्ति को वापस दिलाना

और क्या बड़ी बातें सामने आईं?

बातचीत के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने मेजबानी की. इसी बीच रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भी ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian को फोन किया और शांति प्रयासों में मदद की पेशकश की. दूसरी तरफ, ईरान में इंटरनेट बंद होने का सिलसिला 44 दिनों तक पहुँच गया है, जिसे किसी भी देश में अब तक का सबसे लंबा इंटरनेट शटडाउन माना जा रहा है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com