अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत को लेकर बड़ी खबर आ रही है। इस बातचीत से दुनिया भर के शेयर बाजारों में तेजी देखी जा रही है और कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ईरान के विदेश मंत्रालय ने बातचीत में प्रगति की बात स्वीकार की है। हालांकि दोनों पक्षों की तरफ से अभी कुछ शर्तों पर बातचीत चल रही है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अधिकारियों को समझौते के लिए जल्दबाजी न करने के निर्देश दिए हैं।

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अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते में क्या है खास?

इस प्रस्तावित समझौते के तहत दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके प्रमुख बिंदु नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:

मुख्य विषय प्रस्तावित नियम और असर
कच्चा तेल (Brent Crude) 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर करीब 98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
फ्रीज फंड (Frozen Assets) अमेरिका 12 अरब डॉलर का फंड तुरंत जारी करेगा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) 30 दिनों के भीतर जहाजों का आवागमन सामान्य किया जाएगा
परमाणु मुद्दे पर बातचीत एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद 60 दिनों के भीतर शुरू होगी
सैन्य अभियान सभी मोर्चों पर तुरंत सैन्य कार्रवाइयों को रोका जाएगा

इस समझौते के तहत ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को नष्ट करने या सौंपने पर सहमत हो सकता है। इसके बदले में अमेरिका अपनी नाकाबंदी हटाएगा और प्रतिबंधों में राहत देने की दिशा में काम करेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों का क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है लेकिन जब तक पूरी तरह से हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका कोई भी कमजोर डील स्वीकार नहीं करेगा। उधर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से काफी मुद्दों पर प्रगति हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौता तुरंत लागू होने की उम्मीद अभी नहीं है क्योंकि ईरान को अमेरिका की तरफ से ठोस गारंटी की जरूरत है ताकि भविष्य में समझौता न टूटे।

ग्लोबल मार्केट और आम जनता पर इसका क्या असर होगा?

इस बातचीत की खबर से ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में काफी उत्साह है। अमेरिका में छुट्टी होने के बावजूद एशियाई बाजारों में बढ़त देखी गई है। कच्चे तेल के दाम गिरने से आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता कौन कर रहा है?

इस बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर प्रगति हुई है।

क्या समझौते के बाद ईरान पर लगे प्रतिबंध तुरंत हट जाएंगे?

पहले चरण में अमेरिका ईरान के फ्रीज पड़े 12 अरब डॉलर के फंड को जारी करेगा और बाकी प्रतिबंधों में ढील देने पर अगले 60 दिनों में चर्चा की जाएगी।