अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में अब Gulf देशों की सुरक्षा का मुद्दा भी शामिल होने जा रहा है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और UAE जैसे देश चाहते हैं कि उनकी चिंताओं को नजरअंदाज न किया जाए। इस बीच अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।
US-Iran बातचीत और युद्धविराम का क्या है अपडेट?
अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल से शुरू हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। फिलहाल मध्यस्थ इस युद्धविराम को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और दोनों देशों ने इस पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि युद्ध अब खत्म होने के करीब है और ईरान जल्द ही डील करना चाहता है। अगले दो दिनों में बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो सकता है, जिसकी तैयारी पाकिस्तान कर रहा है।
नाकाबंदी और क्षेत्रीय तनाव की मुख्य बातें
अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। नीचे दी गई तालिका में हालिया घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी गई है:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नेवल ब्लॉकेड | 14 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की पूरी नाकाबंदी की |
| जहाजों पर असर | 6 मर्चेंट जहाजों को अमेरिकी निर्देशों के बाद वापस मुड़ना पड़ा |
| तेल प्रतिबंध | US Treasury ईरानी तेल बिक्री के लिए अस्थायी छूट को रिन्यू नहीं करेगी |
| ईरान की धमकी | स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने फारस की खाड़ी के पोर्ट्स पर हमले की चेतावनी दी |
| UAE का रुख | UAE ने ईरान पर अविश्वास जताया और अमेरिकी समुद्री सुरक्षा अभियान में शामिल होने की इच्छा जताई |
| बहरीन का मुद्दा | बहरीन का UN प्रस्ताव रूस और चीन के वीटो के कारण फेल हो गया |
| इजराइल-लेबनान | वॉशिंगटन में दोनों देशों के राजदूतों के बीच सीधी बातचीत हुई |
बातचीत में मुख्य रुकावटें क्या हैं?
इस्लामाबाद में हुई पहली दौर की बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक तीन मुख्य मुद्दे हैं जो समझौते में बाधा बन रहे हैं। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, Strait of Hormuz पर नियंत्रण और युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है। UN महासचिव António Guterres ने उम्मीद जताई है कि बातचीत फिर से शुरू होगी और उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ की है।
