कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस समय कतर में मौजूद है और वहां के अधिकारियों के साथ मिलकर इस समझौते पर चर्चा कर रहा है। इस बातचीत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि यह डील या तो बेहद मजबूत होगी या फिर कोई डील नहीं होगी। दूसरी तरफ ईरान ने भी अपनी तरफ से साफ किया है कि समझौते के शुरुआती चरण के लिए कतर में मौजूद उसके 12 अरब डॉलर के फ्रीज किए गए फंड को तुरंत जारी किया जाए।

कतर में हो रही बातचीत में क्या है मुख्य एजेंडा?

दोनों देशों के बीच हो रही इस बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस समझौते के मसौदे में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • युद्धविराम की अवधि बढ़ाना: बातचीत के दौरान मौजूदा युद्धविराम को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ाने पर चर्चा हो रही है।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलने और 30 दिनों के भीतर युद्ध से पहले जैसी स्थिति बहाल करने पर बात चल रही है।
  • यूरेनियम भंडार पर फैसला: समझौते के तहत ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) के निपटान के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार हो गया है।
  • ईरान की बड़ी शर्त: ईरान ने मांग की है कि कतर में जमा उसके 12 अरब डॉलर के फंड को तुरंत इस्तेमाल करने योग्य बनाकर जारी किया जाए।

डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को लेकर अपने वार्ताकारों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। उनका मानना है कि समय अमेरिका के पक्ष में है और जब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो जाता और उस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि मेज पर एक मजबूत प्रस्ताव मौजूद है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु मुद्दे पर समयबद्ध बातचीत करने की बात शामिल है। इसके अलावा ट्रंप चाहते हैं कि खाड़ी देश और ईरान मिलकर अब्राहम समझौते का हिस्सा बनें ताकि क्षेत्र में शांति स्थापित हो सके।

इस बातचीत पर ईरान और अन्य देशों का रुख क्या है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया है कि हालांकि बातचीत के कई मुद्दों पर प्रगति हुई है, लेकिन अभी समझौते पर तुरंत हस्ताक्षर होने की उम्मीद नहीं है। इस बातचीत के लिए ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची दोहा में मौजूद हैं। हालांकि इस बातचीत को लेकर ईरान के भीतर ही गालिबफ का विरोध शुरू हो गया है। वहीं दूसरी तरफ इसराइल ने अमेरिका को साफ कर दिया है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता होता भी है, तो भी वह लेबनान सहित सभी क्षेत्रों में अपनी सैन्य कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कतर में अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?

कतर में दोनों देशों के बीच 60 दिनों के युद्धविराम को बढ़ाने, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और ईरान के संवर्धित यूरेनियम के निपटान को लेकर बातचीत चल रही है।

ईरान ने बातचीत के लिए क्या बड़ी शर्त रखी है?

ईरान ने मांग की है कि कतर में फ्रीज किए गए उसके 12 अरब डॉलर के फंड को तुरंत बहाल और जारी किया जाए, जिसके बाद ही समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

समझौते को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या रुख है?

ट्रंप ने कहा है कि समझौता या तो बहुत मजबूत होगा या फिर बिल्कुल नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को जल्दबाजी न करने की सलाह दी है और कहा है कि अंतिम समझौते तक नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.