US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच आज इस्लामाबाद में होगी सीधी बातचीत, युद्ध रोकने की कोशिश, सऊदी और कुवैत में हमले जारी
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए आज 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में एक बहुत बड़ी बैठक होने जा रही है। पाकिस्तान ने इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है ताकि दुनिया में शांति लौट सके। हालांकि, लेबनान और खाड़ी देशों में हालात अब भी तनावपूर्ण हैं, जिससे यह शांति समझौता काफी नाजुक माना जा रहा है।
बातचीत में कौन शामिल होगा और क्या है मुख्य मुद्दा?
इस बैठक का नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance करेंगे, जबकि ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र क़ालिबफ शामिल होंगे। यह पूरी बातचीत ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर आधारित होगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने इसे एक ऐतिहासिक पल बताया है और प्रतिनिधियों के लिए वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा भी दी है।
खाड़ी देशों और लेबनान में क्या स्थिति है?
7 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए संघर्ष-विराम (ceasefire) घोषित किया गया था, जो 21 अप्रैल तक प्रभावी रह सकता है। लेकिन 8 अप्रैल को लेबनान में इजराइल के बड़े हवाई हमलों में कई नागरिक मारे गए, जिससे ईरान ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमलों से बातचीत बेअसर हो जाएगी। खाड़ी देशों में भी सुरक्षा कड़ी की गई है और कुछ जगहों पर हवाई रास्ते बंद किए गए।
| देश/क्षेत्र | हालिया स्थिति |
|---|---|
| UAE | 8 अप्रैल को आसमान सुरक्षित रहा |
| सऊदी अरब | हमलों में एक व्यक्ति की मौत, कई लोग घायल हुए |
| कुवैत | ड्रोन और मिसाइल हमलों का जवाब दिया गया |
| लेबनान | इजराइल के हवाई हमलों में भारी तबाही और नागरिक हताहत |
| पाकिस्तान | इस्लामाबाद में सख्त लॉकडाउन और सुरक्षा बढ़ा दी गई |
आगे क्या होने वाला है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शांति समझौते को लेकर उम्मीद जताई है और कहा है कि नेतन्याहू से अपील के बाद इजराइल लेबनान पर हमलों में कमी करेगा। इस बैठक के बाद अगले हफ्ते वाशिंगटन में एक और राजनयिक वार्ता होगी, जिसमें इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम पर चर्चा की जाएगी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी शत्रुता को जल्द खत्म करने का आग्रह किया है।




