अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़ी बातचीत होने वाली है। पाकिस्तान के राजदूत रिज़वान सईद शेख ने कहा है कि इन बातचीत का माहौल बहुत नाजुक है और युद्धविराम की शर्तों का पालन होना ज़रूरी है। दुनिया की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या दोनों देश आपसी विवाद सुलझा पाएंगे और शांति बहाल होगी।

अमेरिका और ईरान की बातचीत में मुख्य मुद्दे क्या हैं?

अमेरिका ने ईरान के सामने शर्त रखी थी कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खोलना होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान इस मामले में बहुत खराब काम कर रहा है और तेल की आवाजाही में रुकावट डाल रहा है। दूसरी तरफ, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागर गालिबाफ ने साफ किया है कि जब तक लेबनान में इसराइल हमले नहीं रोकता और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस नहीं मिलती, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।

युद्धविराम और मौजूदा हालात की पूरी जानकारी

  • 7 अप्रैल 2026: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान किया था।
  • 9 अप्रैल 2026: पाकिस्तान के राजदूत ने बताया कि इस युद्धविराम में लेबनान भी शामिल है।
  • 10 अप्रैल 2026: ईरान ने लेबनान में युद्ध रोकने और अपनी संपत्ति वापस पाने की शर्त रखी।
  • मौजूदा स्थिति: इसराइल ने लेबनान में हमले जारी रखे हैं, जिससे युद्धविराम खतरे में है।

इस्लामाबाद मीटिंग और अंतरराष्ट्रीय दबाव

दोनों देशों के प्रतिनिधि 11 अप्रैल शनिवार को इस्लामाबाद में मिलेंगे। इस बातचीत में अमेरिका की तरफ से जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर जैसे बड़े नेता शामिल होंगे। वहीं ईरान की तरफ से मोहम्मद बागर गालिबाफ और परमाणु एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद इसलामी हिस्सा लेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और पोप लियो XIV ने भी इस युद्ध को रोकने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.