अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में जल्द ही अहम बातचीत होने वाली है। हालांकि, International Crisis Group के एक्सपर्ट अली वाएज़ का मानना है कि इन चर्चाओं को सफल बनाना इतना आसान नहीं होगा। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच भरोसे और अनुभव की कमी इस बैठक में बड़ी रुकावट बन सकती है।

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बातचीत में क्या हो सकती हैं मुख्य चुनौतियां?

  • ईरान की तरफ से अमेरिका पर भरोसे की कमी देखी जा रही है।
  • वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी टीम के पास इस मामले में विशेषज्ञता या अनुभव की कमी बताई गई है।
  • इन दोनों वजहों से बातचीत का रास्ता मुश्किल हो सकता है और नतीजे आने में समय लग सकता है।

एक्सपर्ट ने क्या सुझाव दिया?

अली वाएज़ ने कहा कि इस कठिन स्थिति को संभालने के लिए बहुत अधिक राजनयिक कौशल यानी diplomatic skill की ज़रूरत होगी। जब तक दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करेंगे, तब तक किसी ठोस नतीजे पर पहुंचना कठिन होगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना और आपसी मुद्दों को सुलझाना है।