अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चली लंबी बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। पाकिस्तान ने दोनों देशों को करीब लाने की कोशिश की, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी करने की धमकी दी है, जिससे दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है।

🚨: Iran-US Talks Fail: अमेरिका और ईरान की बातचीत टूटी, ट्रंप ने Strait of Hormuz को किया ब्लॉक, तनाव बढ़ा

बातचीत क्यों रही नाकाम और अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि बातचीत में कोई सहमति नहीं बनी। अमेरिका ने अपना आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर दिया था, लेकिन ईरान ने परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को खत्म करने से मना कर दिया, जो अमेरिका की मुख्य शर्त थी। इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने समुद्री रास्ता बंद करने की धमकी दे डाली है।

ईरान का जवाब और पाकिस्तान की कोशिशें

ईरान के प्रतिनिधि मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ईरान का भरोसा जीतने में नाकाम रहा। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि वे बातचीत करवाने की कोशिश जारी रखेंगे। उन्होंने जोर दिया कि 8 अप्रैल से शुरू हुए युद्धविराम (ceasefire) का पालन किया जाना चाहिए, जो 22 अप्रैल तक लागू है।

सऊदी, मिस्र और तुर्की के साथ हुई चर्चा

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इस स्थिति पर सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। उन्होंने इन देशों को बातचीत के नतीजों के बारे में जानकारी दी। सऊदी अरब के प्रिंस फैसल बिन फरहान, मिस्र के बद्र अब्देलतटी और तुर्की के हाकन फिदान ने शांतिपूर्ण समाधान निकालने की बात कही।

मुख्य विवरण जानकारी
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
अमेरिकी प्रतिनिधि JD Vance
ईरानी प्रतिनिधि मोहम्मद बागर गालिबाफ
युद्धविराम अवधि 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026
मुख्य विवाद परमाणु हथियार प्रोग्राम