अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चली पहली दौर की सीधी बातचीत खत्म हो गई है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी समझ और सहमति वाले बिंदुओं को लिखित रूप में एक-दूसरे को सौंपा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई इस मीटिंग को तनाव कम करने की दिशा में एक अहम कदम देखा जा रहा है। अब यह चर्चा एक्सपर्ट लेवल की कमेटियों के पास चली गई है।

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बातचीत में कौन शामिल था और क्या हुआ?

इस बैठक में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने नेतृत्व किया, जबकि ईरान की तरफ से संसद स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस पूरी मुलाकात की मेजबानी की और दोनों देशों को करीब लाने की कोशिश की। दोनों पक्षों ने लिखित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया ताकि भविष्य में किसी गलतफहमी की जगह न रहे। अब आर्थिक, सैन्य, कानूनी और परमाणु मुद्दों पर अलग-अलग कमेटियां विस्तार से चर्चा करेंगी।

किन मुद्दों पर विवाद है और क्या हैं शर्तें?

बातचीत के दौरान कुछ अहम मुद्दों पर टकराव भी दिखा। ईरान का दावा है कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बहुत ज्यादा मांगें कर रहा है, जिससे आम सहमति बनाने में मुश्किल आ रही है। दूसरी तरफ, ईरान ने अपनी कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें लेबनान में पूरी तरह युद्धविराम होना और उसके फ्रीज किए गए पैसों की वापसी शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ईरान की इन ‘रेड लाइन्स’ पर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है।

महत्वपूर्ण जानकारी और तारीखें

विवरण जानकारी
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
सीज़फायर की तारीख 8 अप्रैल 2026
प्रथम दौर की बातचीत 11 अप्रैल 2026
अमेरिकी प्रतिनिधि J.D. Vance, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर
ईरानी प्रतिनिधि मो. बागर कालिबाफ, अब्बास अराघची
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
मुख्य विवाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और फ्रीज एसेट्स
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.