अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय बाद इस्लामाबाद में सीधी बातचीत शुरू हुई है। इस बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा ईरान की वह रकम है जो दूसरे देशों के बैंकों में जमी हुई है। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने इसे छोड़ने का वादा किया है, लेकिन अमेरिका के अधिकारियों ने इस बात से साफ इनकार कर दिया है।

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अमेरिका और ईरान की बातचीत में क्या विवाद हुआ?

ईरान के सूत्रों का कहना है कि अमेरिका कतर और अन्य विदेशी बैंकों में जमी 6 अरब डॉलर की रकम छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। ईरान ने इसे बातचीत में गंभीरता की निशानी माना है। दूसरी ओर, अमेरिका ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभी तक किसी भी रकम को छोड़ने का कोई समझौता नहीं हुआ है और बातचीत अभी शुरुआती दौर में है। कतर ने भी इस बात से इनकार किया है और कहा है कि रकम अभी उनके पास सुरक्षित है।

इस बैठक में कौन-कौन शामिल है?

इस महत्वपूर्ण बातचीत में अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बड़े अधिकारी शामिल हुए हैं। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

देश/पक्ष प्रमुख प्रतिनिधि
United States JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
Iran Mohammad Bagher Qalibaf, Abbas Araghchi, Mojtaba Khamenei
Pakistan Shehbaz Sharif, Ishaq Dar, Syed Asim Munir

पैसों के अलावा और किन मुद्दों पर चर्चा हो रही है?

दोनों देशों के बीच सिर्फ जमी हुई रकम ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर विषयों पर भी बात चल रही है। इनमें Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सबसे अहम है, जिसे लेकर राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे साफ़ करने की बात कही है। इसके अलावा लेबनान में युद्ध रोकने, परमाणु समझौते को फिर से शुरू करने और यूरेनियम के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। इन बातचीत के लिए पहले से ही दो हफ्ते का युद्धविराम तय किया गया था।