इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अमेरिका के कई C-17 ट्रांसपोर्ट विमान जरूरी सामान लेकर नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं। यह पूरी तैयारी ईरान के साथ होने वाली दूसरी दौर की बातचीत के लिए की गई है। शहर की कई सड़कें बंद कर दी गई हैं और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
शहर में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
- पुलिस ने रेड ज़ोन और एक्सटेंडेड रेड ज़ोन को पूरी तरह बंद कर दिया है और सभी तरह के ट्रैफिक पर रोक लगा दी है।
- आम जनता और माल ढोने वाले वाहनों के लिए इस्लामाबाद और रावलपिंडी के रास्तों को बंद रखा गया है।
- Serena और Marriott जैसे बड़े होटलों को सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है और वहां रुकने वाले मेहमानों को खाली करने के लिए कहा गया है।
- सुरक्षा के लिए करीब 20,000 पुलिसकर्मी, कमांडो और स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं ताकि हर जगह कड़ी निगरानी रहे।
इस बड़ी मीटिंग में कौन शामिल हो रहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Steve Witkoff और Jared Kushner को पाकिस्तान भेजा है। ये दोनों अधिकारी ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) पर बातचीत करेंगे। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi भी इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir से मुलाकात की है और शनिवार को फिर से बैठक होनी है।
अमेरिकी सेना के विमानों ने क्या काम किया?
19 से 21 अप्रैल के बीच कम से कम छह C-17 विमान नूर खान एयरबेस पर लैंड हुए। इन विमानों में सुरक्षा, संचार और अन्य जरूरी सपोर्ट उपकरण लाए गए हैं। ये उपकरण अमेरिकी अधिकारियों के आने से पहले उनकी सुरक्षा और तालमेल के लिए तैनात किए गए हैं। रावलपिंडी में अकेले 10,000 पुलिस अधिकारियों और 600 स्पेशल पिकट की तैनाती की गई है।