अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सीधी बातचीत शुरू हुई है। इस बैठक में पाकिस्तान भी शामिल है और दोनों पक्ष इस विवाद को सुलझाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, अमेरिका द्वारा इसराइल के हितों को प्राथमिकता देने की वजह से बातचीत में कुछ अड़चनें आ रही हैं।

ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने बातचीत के दौरान अपनी कुछ मुख्य मांगें और ‘रेडलाइन्स’ साफ कर दी हैं। ईरान चाहता है कि लेबनान में पूरी तरह से युद्धविराम हो, क्योंकि इसे एक बुनियादी मांग बताया गया है। इसके अलावा, ईरान ने निम्नलिखित शर्तें भी रखी हैं:

  • संपत्तियों की वापसी: अमेरिका ने ईरान की जो संपत्ति फ्रीज की हुई है, उसे वापस किया जाए।
  • हर्जाना: अमेरिकी और इसराइली हमलों से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
  • समुद्री रास्ता: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए एक सही सिस्टम बनाया जाए।
  • शांति: ईरान और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में एक स्थायी युद्धविराम लागू हो।

इस बातचीत का असर और मौजूदा स्थिति क्या है?

इस्लामाबाद में हो रही इस बैठक को लेकर काफी उम्मीदें हैं। खबर है कि लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में इसराइली हमलों में कमी आने के बाद ये सीधी बातचीत संभव हो पाई है। ईरान के negotiators ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ भी मुलाकात की और अपनी शर्तें रखीं। फिलहाल दोनों देशों के बीच सहमति बनाने की कोशिशें जारी हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.