अमेरिका और ईरान के बीच 49 साल बाद पहली बार बड़ी बातचीत हुई, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पाई. इस्लामाबाद में हुई इस मीटिंग में दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास दिखा. अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि परमाणु हथियारों के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई, जिसकी वजह से यह बातचीत अधूरी रही.

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बातचीत क्यों नहीं हो पाई और क्या था मुख्य विवाद

  • अमेरिका की मुख्य मांग थी कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का लिखित वादा करे, लेकिन ईरान ने इसे मानने से साफ़ मना कर दिया.
  • दोनों देशों के बीच करीब 50 साल से कोई उच्च स्तरीय बातचीत नहीं हुई थी, इसलिए दोनों तरफ भरोसा बहुत कम था.
  • उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अमेरिका ने अपनी सबसे अच्छी और आखिरी पेशकश रखी थी, लेकिन ईरान की असहमति के कारण कोई डील नहीं हो सकी.

क्या दोबारा होगी मुलाकात और क्या बोले राष्ट्रपति ट्रंप

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान में बातचीत का दूसरा राउंड हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि ईरान अब डील करना चाहता है और दूसरी तरफ से उन्हें संपर्क भी किया गया है. पाकिस्तान के अधिकारी भी दूसरे दौर की मीटिंग के लिए तैयारी कर रहे हैं और वर्तमान सीज़फायर को आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं.

ताज़ा हालात और समुद्री नाकेबंदी की खबर

एक तरफ बातचीत की उम्मीद जताई जा रही है, तो दूसरी तरफ ज़मीनी हालात तनावपूर्ण हैं. 15 अप्रैल 2026 को US Central Command ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह नाकेबंदी कर दी है. अमेरिका ने Strait of Hormuz समेत कई अहम समुद्री रास्तों पर अपना कंट्रोल मज़बूत कर लिया है.