अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत बिना किसी ठोस समझौते के खत्म हो गई है। पाकिस्तान ने इन हाई-लेवल मीटिंग्स की मेजबानी की थी, जो 11 से 12 अप्रैल 2026 तक चली। पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने इस मौके पर कहा है कि दोनों देशों के लिए सीज़फ़ायर के वादे को निभाना बहुत ज़रूरी है। करीब 21 घंटे तक चली इस चर्चा के बाद भी दोनों पक्ष किसी एक नतीजे पर नहीं पहुँच सके।

ℹ️: US-Iran Talks: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की बातचीत रही अधूरी, JD Vance बिना किसी डील के लौटे वापस

बातचीत नाकाम होने की मुख्य वजह क्या रही

अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने बताया कि ईरान ने परमाणु प्रतिबंधों से जुड़ी अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से कोई डील नहीं हो पाई। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य लक्ष्य यह था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की पक्की प्रतिबद्धता जताए। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसमाइल बाकाएई ने अमेरिकी मांगों को ‘अनुचित’ बताया। उन्होंने कहा कि पूरी बातचीत के दौरान माहौल में भरोसे की कमी थी, लेकिन ईरान अभी भी कूटनीतिक कोशिशों के लिए तैयार है।

मीटिंग में कौन-कौन से बड़े नेता शामिल थे

इस हाई-प्रोफाइल बैठक में पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया। पाकिस्तान ने मध्यस्थ के तौर पर काम किया। शामिल लोगों की सूची नीचे दी गई है:

देश प्रमुख प्रतिनिधि
पाकिस्तान डिप्टी PM इशाक डार, PM शहबाज शरीफ, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर
अमेरिका उपराष्ट्रपति J.D. Vance, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर
ईरान संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची

किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा

दोनों देशों के बीच कई गंभीर विषयों पर बहस हुई, जिनमें सुरक्षा और आर्थिक पाबंदियां सबसे ऊपर थीं। मुख्य रूप से इन बातों पर चर्चा हुई:

  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही का मामला।
  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पाबंदियां और अमेरिका की शर्तें।
  • लेबनान में युद्धविराम और ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को वापस करना।
  • युद्ध के नुकसान की भरपाई और आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना।

ईरान के संसद स्पीकर गालिबाफ ने कहा कि वे नेक नीयत से आए थे, लेकिन अमेरिका को उनके अधिकारों को मानना होगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इन talks को ‘करो या मरो’ वाला मौका बताया था और उम्मीद जताई थी कि इससे क्षेत्र में शांति आएगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com