अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़ी बातचीत शुरू हुई है। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बीच-बचाव किया है ताकि 22 अप्रैल को खत्म होने वाले युद्धविराम को लंबे समय तक चलाया जा सके। इस बैठक के लिए इस्लामाबाद में सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है और रेड ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

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अमेरिका और ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

दोनों देशों ने अपनी शर्तों की एक सूची पेश की है जिसमें कई गहरे मतभेद नज़र आ रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और मिसाइलों पर रोक लगाए, जबकि ईरान अपनी संप्रभुता और आर्थिक राहत की मांग कर रहा है।

अमेरिका की मांगें (15-पॉइंट) ईरान की मांगें (10-पॉइंट)
यूरेनियम समृद्ध करना बंद हो सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंध हटाए जाएं
बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर नियंत्रण मिले
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को दोबारा खोलना गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाना
प्रॉक्सी समूहों को समर्थन बंद करना क्षेत्र में सभी सैन्य अभियान खत्म करना

लेबनान का मुद्दा क्यों बन रहा है बड़ी रुकावट?

इस पूरी बातचीत में लेबनान सबसे बड़ा विवाद बन गया है। इज़राइल ने युद्धविराम के बाद भी लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमले जारी रखे हैं। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में हमले नहीं रुकेंगे, तब तक यह बातचीत बेमानी है। दूसरी तरफ, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान से जुड़ी कुछ शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है।

बैठक में कौन शामिल है और क्या है इंतज़ाम?

अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुंचे हैं। ये बातचीत सीधी नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष है, जिसमें पाकिस्तानी अधिकारी दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचा रहे हैं। सुरक्षा के कारण 9 और 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में सरकारी छुट्टी घोषित की गई थी और VVIP प्रोटोकॉल लागू किया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.