US-Iran Talks Update: इस्लामाबाद में दूसरी मीटिंग की तैयारी, लेकिन ईरान ने किया मना, JD Vance का दौरा भी रद्द
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बातचीत की कोशिश की जा रही है। इसके लिए पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi और अमेरिकी राजनयिक Natalie Baker ने मुलाकात कर क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की। हालांकि, ईरान ने इस दूसरी बैठक में शामिल होने से साफ मना कर दिया है, जिससे शांति की कोशिशों को झटका लगा है।
ईरान ने क्यों किया बातचीत से इनकार?
ईरान का कहना है कि अमेरिका ने युद्धविराम (ceasefire) के नियमों का उल्लंघन किया है। ईरान के मुताबिक, अमेरिका ने उनके बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी की है और उनके जहाजों को जब्त कर लिया है। इसी वजह से ईरान ने दूसरी मीटिंग में शामिल होने से मना कर दिया। ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा कि जब तक ये उल्लंघन जारी रहेंगे, Strait of Hormuz को खोलना संभव नहीं होगा।
पाकिस्तान की तैयारी और अमेरिका का क्या रहा जवाब?
पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में एक मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है। गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने बताया कि विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए 12,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और रेड जोन में कड़े इंतजाम किए गए हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्धविराम को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दिया था और उम्मीद जताई थी कि बातचीत 36 से 72 घंटों में शुरू हो जाएगी। लेकिन ईरान के कड़े रुख को देखते हुए व्हाइट हाउस ने उपराष्ट्रपति JD Vance की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी है।
अब तक की मुख्य बातें
- पहली मीटिंग: 11 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में 21 घंटे तक बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था।
- पाकिस्तान की भूमिका: प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और फील्ड मार्शल Syed Asim Munir इस विवाद को सुलझाने के लिए लगातार कोशिशें कर रहे हैं।
- ईरान का रुख: राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन नाकाबंदी और धमकियों के बीच सार्थक चर्चा नहीं हो सकती।