US-Iran Talks: इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी, बातचीत पर ईरान ने जताया विरोध, ट्रंप बोले पावर प्लांट कर देंगे तबाह

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को वहां भेजने का फैसला किया है ताकि चल रहे युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सके. हालांकि, ईरान इस बातचीत में शामिल होने से मना कर रहा है जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

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बातचीत में कौन शामिल होगा और क्या है विवाद?

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में उपराष्ट्रपति JD Vance, स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और Jared Kushner शामिल हो सकते हैं. दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कहा है कि उनके पास नई बातचीत की कोई योजना नहीं है. ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है और उनके जहाज Touska को जबरन पकड़ा है जिसे ईरान ने समुद्री डकैती बताया है.

ट्रंप की धमकी और युद्धविराम की स्थिति

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो वह ईरान के हर पावर प्लांट और पुल को तबाह कर देंगे. 9 अप्रैल से शुरू हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम 21 या 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है. ट्रंप ने यह भी कहा है कि इस युद्धविराम के आगे बढ़ने की संभावना बहुत कम है, हालांकि वह बातचीत के लिए तैयार हैं अगर कोई खेल नहीं खेला गया.

विवाद और बातचीत से जुड़ी मुख्य जानकारियां

विवरण जानकारी
पहली बातचीत 11-12 अप्रैल 2026, इस्लामाबाद
युद्धविराम की समाप्ति 21 या 22 अप्रैल 2026
पकड़ा गया जहाज ईरानी जहाज Touska (19-20 अप्रैल)
मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान (प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ)
अमेरिकी प्रतिनिधि उपराष्ट्रपति JD Vance और अन्य
ईरान का रुख बातचीत की कोई योजना नहीं है