अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के सेरेना होटल में सीधी बातचीत शुरू हुई है। यह वार्ता अब अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है जहां दोनों देश युद्धविराम की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मध्यस्थ की अहम भूमिका निभा रहे हैं।

हॉरमुज जलडमरूमध्य पर क्यों फंसा है मामला

इस बातचीत का सबसे बड़ा और विवादित मुद्दा हॉरमुज जलडमरूमध्य को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह खोला जाए ताकि व्यापार बाधित न हो। दूसरी तरफ ईरान इस रास्ते पर अपना नियंत्रण रखना चाहता है और उसने यहां टैंकरों के लिए टोल और कंट्रोल सिस्टम लागू किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने इस रास्ते को साफ करना शुरू कर दिया है और खदान गिराने वाले जहाजों को डुबो दिया है।

ईरान और अमेरिका की मुख्य मांगें क्या हैं

दोनों देशों ने अपनी शर्तों को लेकर अलग-अलग प्रस्ताव रखे हैं। ईरान ने 10 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है जिसमें युद्ध खत्म करने, आर्थिक प्रतिबंध हटाने और लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमलों को रोकने की गारंटी मांगी गई है। वहीं अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव है जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है।

इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था और विमानों का आगमन

ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान शनिवार तड़के नूर खान एयरबेस पर उतरे। इस यात्रा के लिए खास सुरक्षा रणनीति अपनाई गई और पाकिस्तानी वायुसेना ने हवाई निगरानी की। इस्लामाबाद की सड़कों को बंद कर दिया गया है और सेना तैनात की गई है। सेरेना होटल को एक किले की तरह सुरक्षित कर दिया गया है ताकि उच्च स्तरीय वार्ता बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।

Sushma Kumari

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