US-Iran Tension: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी बड़ी चेतावनी, JD Vance जा रहे हैं पाकिस्तान, तनाव के बीच बड़ी बैठक की तैयारी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान जा रहे हैं ताकि ईरान के साथ अहम बातचीत की जा सके। डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी बातचीत के संकेत दिए हैं, लेकिन साथ ही ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी है। दुनिया की नज़रें अब पाकिस्तान में होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं कि क्या दोनों देश किसी समझौते पर पहुँच पाते हैं।
ℹ: Russia-Iran Nuclear Deal: युद्ध के बाद ईरान में फिर बनेंगे नए परमाणु यूनिट, Rosatom ने किया ऐलान।
पाकिस्तान में बातचीत की क्या स्थिति है
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पहले दौर की बातचीत 11-12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में हुई थी, जो 20 घंटे तक चली लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब दूसरे दौर की तैयारी है, जिसमें JD Vance अमेरिकी टीम का नेतृत्व करेंगे। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने कहा है कि उनके पास अभी बातचीत में शामिल होने का कोई प्लान नहीं है क्योंकि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और अव्यावहारिक हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और बढ़ता तनाव
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ़ किया है कि जब तक अंतिम शांति समझौता नहीं होगा, ईरान की समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने धमकी दी है कि अगर डील नहीं हुई तो ईरान के पावर प्लांट और पुल तबाह कर दिए जाएंगे। ट्रंप का कहना है कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद करना होगा। दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है और कहा है कि वह दबाव में आकर कोई फैसला नहीं लेगा।
महत्वपूर्ण घटनाक्रम और विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युद्धविराम की तारीख | 8 अप्रैल 2026 |
| युद्धविराम की समयसीमा | 22 अप्रैल 2026 (शाम तक) |
| सीज्ड जहाज का नाम | M/V Touska (19 अप्रैल को पकड़ा गया) |
| मुख्य मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |
| प्रमुख अमेरिकी चेहरे | डोनाल्ड ट्रंप, JD Vance, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर |
| प्रमुख ईरानी चेहरे | राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, इस्माइल बगाएई |
| विवाद का मुख्य कारण | परमाणु कार्यक्रम और समुद्री नाकाबंदी |