अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर बातचीत की तैयारी चल रही है. इस बार US Vice President JD Vance इस मिशन की कमान संभालेंगे. उनके साथ US Envoy Steve Witkoff और Jared Kushner भी शामिल होंगे. यह कदम पिछले दौर की नाकाम कोशिशों के बाद उठाया जा रहा है.

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पाकिस्तान में हुई बातचीत का क्या रहा नतीजा?

11 और 12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद, पाकिस्तान में दोनों देशों की टीम के बीच मुलाकात हुई थी. यह बातचीत करीब 21 घंटे तक चली लेकिन कोई लिखित समझौता नहीं हो पाया. JD Vance ने कहा कि ईरान की टीम के पास आखिरी फैसला लेने का अधिकार नहीं था और उन्हें मंजूरी के लिए तेहरान जाना पड़ा.

अमेरिका की मुख्य शर्तें और मांगें क्या हैं?

अमेरिका ने ईरान के सामने कुछ सख्त शर्तें रखी हैं जिन पर वह समझौता नहीं करेगा. अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का पक्का वादा करे. इसके अलावा, संवर्धित यूरेनियम पर अमेरिका का नियंत्रण हो और Strait of Hormuz को पूरी तरह से खोला जाए.

विवरण जानकारी
US टीम JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
ईरान टीम Abbas Araghchi (विदेश मंत्री)
मीटिंग का स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
मुख्य शर्त परमाणु हथियार न बनाना
विवाद का मुद्दा यूरेनियम संवर्धन (Enrichment)
अन्य मांग Strait of Hormuz को खोलना
बातचीत की अवधि 21 घंटे (पहला दौर)

ईरान ने बातचीत क्यों नाकाम बताई?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों पक्ष समझौते के बहुत करीब थे. लेकिन उनके मुताबिक, अमेरिका ने अपनी शर्तें बार-बार बदलीं और बहुत ज्यादा मांगें रखीं. ईरान का कहना है कि उसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत यूरेनियम संवर्धित करने का पूरा हक है.

Sushma Kumari

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