अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने 23 मई 2026 को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस पर कुछ बड़ा सुनने को मिल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अभी काम पूरा नहीं हुआ है और दोनों देश किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंचे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कहां फंसा है पेंच?
दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कुछ मुख्य मुद्दों पर अभी भी गंभीर असहमति बनी हुई है।
- यूरैनियम संवर्धन और हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान का समृद्ध यूरेनियम कार्यक्रम और Strait of Hormuz पर नियंत्रण सबसे बड़ा विवाद का कारण बना हुआ है।
- टोल सिस्टम का विरोध: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की टोल सिस्टम शुरू करने की योजना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
- ईरान की मांगें: ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में गहरे मतभेद हैं। ईरान की मांगों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण, युद्ध के नुकसान का मुआवजा, प्रतिबंधों को हटाना, फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना और अमेरिकी सैनिकों की वापसी शामिल है, जिसे अमेरिका पहले ही खारिज कर चुका है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी हमले की चेतावनी और पाकिस्तान-कतर की मध्यस्थता
इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के कड़े रुख के साथ-साथ अन्य देशों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।
- सैन्य हमले का खतरा: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि यदि कोई शांति समझौता नहीं होता है, तो वह ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने बातचीत के दौरान हमले रोकने की बात कही है, लेकिन समझौता न होने पर संघर्ष विराम समाप्त होने की चेतावनी दी है।
- मध्यस्थ देशों की कोशिशें: पाकिस्तान और कतर इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Syed Mohsin Naqvi और सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir ने तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araqchi से मुलाकात की है। कतर की टीम भी तेहरान में लगातार काम कर रही है।
- रोम में पांचवें दौर की बातचीत: रोम में हुई पांचवें दौर की बातचीत बिना किसी बड़े फैसले के समाप्त हो गई, लेकिन दोनों पक्ष आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं। इस वार्ता से इसराइल को पूरी तरह दूर रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सबसे बड़ा विवाद क्या है?
सबसे बड़ा विवाद ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम और Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) पर नियंत्रण को लेकर है। ईरान वहां टोल टैक्स लगाने की योजना बना रहा है, जिसे अमेरिका ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।
इस बातचीत में कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?
पाकिस्तान और कतर इस मामले में मुख्य मध्यस्थ हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख और आंतरिक मंत्री ने तेहरान का दौरा किया है, जबकि कतर की टीम भी अमेरिका के साथ समन्वय में काम कर रही है।
