अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने पुष्टी की है कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति Donald Trump कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं लेकिन अमेरिकी सेना ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने तक अपना अभियान जारी रखेगी। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब खाड़ी देशों में तनाव बना हुआ है और युद्ध को शुरू हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान को लेकर क्या बड़े खुलासे किए?

Marco Rubio के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान जैसे देशों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान की नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह तबाह करना है ताकि वे भविष्य में परमाणु हथियार न बना सकें। रूबियो ने दावा किया कि यह सैन्य अभियान महीनों नहीं बल्कि कुछ हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अभी तक किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है और अमेरिका से सैन्य कार्रवाई रोकने के साथ आर्थिक मुआवजे की मांग की है।

खाड़ी देशों और तेल सप्लाई पर इस जंग का क्या असर होगा?

खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे जरूरी तेल मार्ग है। रूबियो ने स्पष्ट किया है कि सैन्य अभियान खत्म होने के बाद इस रास्ते को अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की मदद से हर हाल में दोबारा खोल दिया जाएगा। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत जैसे देशों को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के बीच चिंता बनी हुई है।

मुख्य बिंदु विवरण
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 से जारी
हताहतों की संख्या ईरान में 1,340 से अधिक मौतें
मध्यस्थ देश पाकिस्तान संचार में मदद कर रहा है
खतरे वाले देश सऊदी, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन
अमेरिकी नुकसान अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की जान गई
होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका इसे जल्द खोलने का दावा कर रहा है
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.