अमेरिका और ईरान के बीच लगातार चल रही बातचीत के बाद भी अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो सका है। मध्यस्थ देशों के जरिए दोनों पक्षों के बीच चर्चा तो जारी है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दों पर गंभीर मतभेद बने हुए हैं। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल मौखिक वादों पर भरोसा नहीं करेगा बल्कि उसे ठोस कार्रवाई और गारंटी की जरूरत है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर एक बड़ी बैठक की है लेकिन बिना किसी अंतिम फैसले के चर्चा समाप्त हो गई।

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ईरान ने क्यों कहा कि उसे अमेरिकी वादों पर भरोसा नहीं?

ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने साफ तौर पर कहा है कि ईरान को किसी भी गारंटी या बातों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दूसरा पक्ष पहले कदम नहीं उठाएगा, तब तक ईरान कोई पहल नहीं करेगा। गालिबफ ने कड़े शब्दों में कहा कि रियायतें बातचीत के जरिए नहीं बल्कि मिसाइलों के दम पर हासिल की जाती हैं। ईरान अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है जिसमें उसकी जब्त संपत्तियों को तुरंत जारी करना और प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना शामिल है।

अमेरिका की क्या हैं शर्तें और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक में क्या हुआ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 मई 2026 को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में करीब दो घंटे तक एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य ईरान के साथ संभावित समझौते पर अंतिम फैसला लेना था, लेकिन बैठक बिना किसी निर्णय के खत्म हो गई। अमेरिका की मुख्य शर्तों में शामिल है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और उसे अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करना होगा। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी टोल टैक्स के जहाजों के लिए तुरंत खोलना होगा, जिस पर ईरान सहमत नहीं है।

फ्रीज संपत्ति और प्रतिबंधों को लेकर क्या फंसा है पेंच?

ईरान ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कतर में जमा अपनी 12 बिलियन डॉलर की फ्रीज संपत्ति को तुरंत जारी करने की मांग रखी है, जबकि उसकी कुल मांग 24 बिलियन डॉलर की फ्रीज संपत्ति को वापस पाने की है। दूसरी ओर, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया है कि ईरान पर लगे नौसैनिक प्रतिबंधों में ढील केवल धीरे-धीरे दी जाएगी। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के एक नेटवर्क पर नए प्रतिबंध भी लगा दिए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वर्तमान में परमाणु कार्यक्रम पर कोई बातचीत नहीं हो रही है और उनका पूरा ध्यान केवल युद्ध को समाप्त करने पर है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम पर कोई बातचीत चल रही है?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इस समय उनके परमाणु कार्यक्रम पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। इस समय बातचीत का मुख्य उद्देश्य केवल जंग को समाप्त करना और प्रतिबंधों से राहत पाना है।

इस बातचीत में कौन से देश मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस बातचीत में पाकिस्तान और कतर मुख्य मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे हैं। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर ओमान भी चर्चा में शामिल है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.