ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक बार फिर बातचीत की उम्मीद जगी है। अमेरिका की तरफ से नए संकेत मिले हैं, लेकिन परमाणु सामग्री को लेकर दोनों देशों में अब भी खींचतान चल रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब इन दोनों देशों पर टिकी हैं।

अमेरिका और ईरान की बातचीत में क्या रुकावट है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि अमेरिका से बातचीत के संकेत मिले हैं, लेकिन यूरेनियम के भंडार को लेकर मामला फंसा हुआ है। दोनों देशों ने फिलहाल इस मुद्दे को बातचीत के अगले चरणों के लिए टाल दिया है। ईरान का मानना है कि रूस के साथ मशविरा करने से इस मुश्किल को हल करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया कि अमेरिका की तरफ से विरोधाभासी संदेश मिल रहे हैं, इसलिए ईरान को उन पर भरोसा नहीं है।

ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने अमेरिका के सामने पांच मुख्य शर्तें रखी हैं जिनके बिना वह नई बातचीत में शामिल नहीं होगा। ये शर्तें इस प्रकार हैं:

  • युद्ध को पूरी तरह खत्म करना
  • सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाना
  • ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस करना
  • युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करना
  • Strait of Hormuz पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देना

डोनाल्ड ट्रंप का नया प्रस्ताव क्या है?

राष्ट्रपति Donald Trump ने अपनी पुरानी मांग को बदलते हुए एक नया रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान की तरफ से असली गारंटी मिलती है, तो वह परमाणु कार्यक्रम को 20 साल तक रोकने के प्रस्ताव पर मान सकते हैं। पहले वह इस कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही ट्रंप ने ‘Project Freedom’ ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोका है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी अब भी जारी रखी गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या BRICS देशों ने ईरान और अमेरिका के युद्ध पर कोई फैसला लिया?

15 मई 2026 को हुई BRICS विदेशी मंत्रियों की बैठक में इस मुद्दे पर कोई साझा बयान जारी नहीं हुआ क्योंकि सदस्य देशों के बीच मतभेद थे।

ईरान ने अमेरिका पर अविश्वास क्यों जताया है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के अनुसार वाशिंगटन से विरोधाभासी संदेश मिल रहे हैं, इसलिए ईरान तभी बातचीत करेगा जब अमेरिका अपनी गंभीरता साबित करेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.