अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने और दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए बातचीत जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने से जुड़ी शर्तों पर सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, हाल ही में दोनों देशों के अधिकारियों की तरफ से विरोधाभासी बयान सामने आए हैं जिससे बातचीत की दिशा को लेकर असमंजस बना हुआ है।

परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर अलग-अलग दावे

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि वर्तमान में परमाणु मुद्दों पर कोई बातचीत नहीं हो रही है। ईरान का कहना है कि पहले युद्ध समाप्त करने के लिए एक शुरुआती समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे, जिसके बाद अगले 60 दिनों में परमाणु कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। दूसरी ओर, अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि मसौदा समझौते में ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने और समृद्ध यूरेनियम को नष्ट करने की प्रतिबद्धता शामिल है।

इसके अलावा, ईरान अपने 20 से 30 अरब डॉलर के फ्रीज किए गए फंड को तुरंत जारी करने और प्रतिबंधों में राहत देने की मांग कर रहा है। इसी सिलसिले में ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हेम्मती ने कतर का दौरा भी किया है। लेकिन अमेरिका का रुख साफ है कि ईरान द्वारा परमाणु सामग्री पर ठोस कदम उठाने से पहले कोई फंड जारी नहीं किया जाएगा।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन पर असहमति

बातचीत में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने पर भी चर्चा हो रही है। अमेरिका चाहता है कि यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहे। इसके विपरीत, ईरान का प्रस्ताव है कि वह इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से नौवहन सेवाओं के लिए शुल्क वसूलेगा। ईरान का मानना है कि इस मार्ग का प्रबंधन केवल ओमान और ईरान के बीच का आपसी मामला है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को हटाने के साथ इस जलमार्ग को धीरे-धीरे खोलने का प्रस्ताव दिया है।

क्या दोनों देशों के बीच कोई समझौता होने वाला है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है और कोई भी समझौता सबके लिए बेहतरीन होगा अन्यथा कोई समझौता नहीं होगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी अच्छी खबर आने की उम्मीद जताई है। इसके उलट, ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि कोई भी समझौता अभी तय नहीं है। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन पर बार-बार अपना रुख बदलने का आरोप लगाया है और कहा है कि समझौते के मसौदे में अभी भी कुछ मुख्य बिंदुओं पर मतभेद बने हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत चल रही है?

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मसौदा समझौते में ईरान की प्रतिबद्धताएं शामिल हैं, जबकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि परमाणु मुद्दे पर अभी बातचीत नहीं हो रही है और यह शुरुआती समझौते के बाद ही शुरू होगी।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर दोनों देशों का क्या रुख है?

अमेरिका इसे पूरी तरह से खुला अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बनाना चाहता है, जबकि ईरान इस मार्ग से जाने वाले जहाजों से सेवा शुल्क वसूलने और ओमान के साथ मिलकर इसका प्रबंधन करने की बात कह रहा है।

ईरान अपने फ्रीज किए गए पैसे वापस पाने के लिए क्या प्रयास कर रहा है?

ईरान अपने 20-30 बिलियन डॉलर के फ्रीज फंड को जारी कराने की मांग कर रहा है, जिसके लिए ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने मध्यस्थ देश कतर का दौरा किया है।