अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान में सीधी बातचीत शुरू हुई है। पहले दो दौर की चर्चा के बाद अब तीसरे दौर की वार्ता शनिवार रात या रविवार (11 या 12 अप्रैल, 2026) को होने की उम्मीद है। इस्लामाबाद में हो रही इस बैठक की मेजबानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच शांति लाने की कोशिश कर रहे हैं।

🚨: Strait of Hormuz पर अमेरिका और ईरान में ठनी, ईरान ने संयुक्त प्रबंधन के प्रस्ताव को ठुकराया, बातचीत अब भी जारी

बातचीत में कौन-कौन शामिल है और क्या है पाकिस्तान की भूमिका?

इस शांति वार्ता में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल आया है, जिसमें Jared Kushner और Steve Witkoff भी शामिल हैं। वहीं ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi बातचीत कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं और पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए पूरी मदद की पेशकश की है।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए चार मुख्य शर्तें रखी हैं, जिन्हें पूरा करना ज़रूरी बताया है। ये शर्तें नीचे दी गई हैं:

  • होर्मुज़ जलडमरूमध्य: इस समुद्री रास्ते पर ईरान की पूरी संप्रभुता सुनिश्चित हो।
  • हर्जाना: युद्ध से हुए नुकसान की पूरी भरपाई हमलावर देश द्वारा की जाए।
  • संपत्ति: ईरान की जमी हुई संपत्तियों को बिना किसी शर्त के रिहा किया जाए।
  • संघर्षविराम: पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी संघर्षविराम लागू हो।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य का विवाद क्या है?

Strait of Hormuz दुनिया के तेल और गैस व्यापार के लिए सबसे अहम रास्ता है, इसलिए यह बातचीत का सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। अमेरिका का दावा है कि उसके युद्धपोत यहाँ से गुज़रे हैं, जबकि ईरानी मीडिया का कहना है कि एक अमेरिकी विध्वंसक चेतावनी के बाद वापस लौट गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रास्ते को साफ़ और खुला करने की बात कही है, जबकि ईरान का कहना है कि बिना अनुमति के कोई अमेरिकी जहाज़ इसे पार नहीं कर सकता।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.