अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए 10 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बड़ी बैठक होने जा रही है। इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance नेतृत्व करेंगे। दूसरी तरफ, इसराइल ने लेबनान में भारी बमबारी जारी रखी है, जिससे वहां भारी तबाही हुई है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर इसराइल को रोकने की कोशिश नहीं हुई, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है।

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान की बैठक की क्या तैयारी है?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बैठक के लिए अमेरिका और ईरान को आमंत्रित किया था। इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और दो दिन की सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने शांति के लिए 10 पॉइंट का प्रस्ताव रखा है, जिसमें सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद करने की बात कही गई है।

इसराइल और लेबनान के बीच क्या चल रहा है?

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत की मंजूरी तो दी है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि हिज़बुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे। 8 अप्रैल को हुए हमलों में लेबनान में 300 से ज्यादा लोगों की जान गई, जो अब तक का सबसे घातक दिन था। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने अपनी सेना को बेरूत पर पूरा नियंत्रण रखने को कहा है।

युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या विवाद है?

सबसे बड़ा विवाद इस बात पर है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाला युद्धविराम लेबनान पर भी लागू होगा या नहीं। पाकिस्तान और ईरान का कहना है कि इसमें लेबनान शामिल है, जबकि अमेरिका और इसराइल इसे नहीं मान रहे हैं। साथ ही, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की बात कही है, जिस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.