US Iran Talks: इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा, पाकिस्तान करा रहा है अमेरिका और ईरान की सुलह, युद्ध रोकने की बड़ी कोशिश

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े पुल का काम कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सके। इस कोशिश के चलते इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पाकिस्तान चाहता है कि दोनों देश बातचीत की मेज पर आएं और दुनिया में युद्ध की स्थिति को खत्म किया जा सके।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत और युद्धविराम का क्या अपडेट है?

पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ था। 22 अप्रैल को इसकी समय सीमा खत्म होनी थी, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है। अमेरिका ने ईरान से अपनी परमाणु गतिविधियों को 20 साल तक रोकने का प्रस्ताव दिया, जबकि ईरान ने इसे 3 से 5 साल तक रोकने का सुझाव दिया। ट्रंप ने संकेत दिया है कि दूसरे दौर की बातचीत को लेकर जल्द ही अच्छी खबर मिल सकती है।

दूसरे देशों की प्रतिक्रिया और मौजूदा तनाव के हालात क्या हैं?

ब्रिटेन और तुर्की ने पाकिस्तान की इस कोशिश की तारीफ की है। यूके की हाई कमिश्नर जेन मैरिएट और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन किया है। दूसरी तरफ, तनाव अब भी बना हुआ है क्योंकि 22 अप्रैल को ईरान के IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों को जब्त कर लिया। ईरान का कहना है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा और किसी दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा।