अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान एक बार फिर कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि ईरान दूसरी बार बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है. यह मीटिंग 16 अप्रैल को इस्लामाबाद में हो सकती है, ताकि 21 अप्रैल को खत्म होने वाली सीजफायर की समयसीमा से पहले कोई रास्ता निकल सके.

दूसरी बैठक कब और कहां होगी?

पाकिस्तान ने ईरान से सकारात्मक जवाब मिलने के बाद दूसरी मीटिंग का प्रस्ताव रखा है. यह बैठक अगले गुरुवार, यानी 16 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में आयोजित की जा सकती है. अगर इस्लामाबाद में बात नहीं बनी, तो जिनेवा को भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. इस मीटिंग का मुख्य मकसद 21 अप्रैल को खत्म होने वाली अस्थायी युद्धविराम को बचाना और शांति बहाल करना है.

पहली मीटिंग में क्यों नहीं बनी बात?

अमेरिका और ईरान की पहली मीटिंग 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में खत्म हुई थी, लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया. अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने से जुड़ी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया. इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आने-जाने की आजादी को लेकर भी दोनों देशों के बीच काफी मतभेद रहे.

इस मामले में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

इस बातचीत को सफल बनाने के लिए दुनिया के कई बड़े देश और संगठन पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में होस्ट और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

देश/संगठन भूमिका
Pakistan होस्ट और मध्यस्थ की भूमिका
Saudi Arabia राजनयिक प्रयासों पर चर्चा और समर्थन
European Union पाकिस्तान की कोशिशों की तारीफ की
China बातचीत को आसान बनाने के लिए समन्वय