अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी अब खत्म होने की राह पर है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने रविवार, 24 मई 2026 को बड़ा बयान देते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत में बहुत बड़ी प्रगति हुई है। इस मध्यस्थता में पाकिस्तान मुख्य भूमिका निभा रहा है और जल्द ही इस समझौते का आधिकारिक ऐलान हो सकता है।

समझौते के ड्राफ्ट में क्या-क्या शामिल है?

दोनों देशों के बीच होने वाले इस शुरुआती समझौते का नाम ‘इस्लामाबाद घोषणा पत्र’ (Islamabad Declaration) रखा जा सकता है। इस समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं:

  • 60 दिनों का युद्धविराम: समझौते के तहत युद्धविराम को अगले 60 दिनों के लिए बढ़ा दिया जाएगा।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी शुल्क के दोबारा खोला जाएगा ताकि व्यापार बिना किसी बाधा के हो सके।
  • तेल की बिक्री: ईरान को बिना किसी पाबंदी के अपना तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वतंत्र रूप से बेचने की अनुमति मिलेगी।
  • परमाणु मुद्दा: परमाणु कार्यक्रम से जुड़े जटिल मुद्दों पर इस शुरुआती समझौते के बाद के चरणों में बातचीत की जाएगी।

पाकिस्तान और सऊदी अरब की क्या भूमिका है?

इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसमें कतर भी सहयोग कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति प्रयासों के लिए बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि अगले दौर की बातचीत जल्द ही पाकिस्तान में आयोजित होगी। वहीं, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने भी इस बातचीत के लिए अमेरिका और पाकिस्तान के प्रयासों की सराहना की है।

अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों का क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 मई को कहा था कि ईरान के साथ बातचीत में बहुत अच्छी प्रगति हुई है और अंतिम विवरण पर चर्चा की जा रही है। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि कुछ प्रगति जरूर हुई है लेकिन अंतिम सफलता अभी बाकी है। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई का कहना है कि वे अपने 14 सूत्री प्रस्ताव के आधार पर युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े फैसलों में अमेरिका का कोई दखल नहीं होना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते का नाम क्या हो सकता है?

इस समझौते को ‘इस्लामाबाद घोषणा पत्र’ (Islamabad Declaration) नाम दिया जा सकता है, जिसका ऐलान पाकिस्तान द्वारा किया जा सकता है।

समझौते के तहत ईरान को क्या राहत मिलेगी?

समझौते के तहत ईरान को अपना तेल स्वतंत्र रूप से बेचने की मंजूरी मिलेगी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोला जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.