पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली, लेकिन दोनों देशों के बीच कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया। इस मीटिंग में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। हालांकि कोई डील नहीं हुई, लेकिन दोनों पक्षों ने कहा है कि बातचीत का रास्ता अभी खुला है और डिप्लोमेसी जारी रहेगी।

बातचीत क्यों नहीं हो पाई और मुख्य मुद्दे क्या थे?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि बातचीत इसलिए फेल हुई क्योंकि ईरान अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं था। अमेरिका चाहता था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का वादा करे। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इसे अमेरिका की अत्यधिक और गैरकानूनी मांगें बताया। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण और ईरान की जमी हुई संपत्तियों को लेकर काफी विवाद रहा।

इस हाई-लेवल मीटिंग में कौन-कौन शामिल था?

इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के बड़े नेता और पाकिस्तान के उच्च अधिकारी मौजूद थे, जिनकी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है।

देश प्रमुख प्रतिनिधि
अमेरिका JD Vance (उपराष्ट्रपति), Steve Witkoff, Jared Kushner
ईरान Mohammad Bagher Ghalibaf (स्पीकर), Abbas Araghchi (विदेश मंत्री)
पाकिस्तान Shehbaz Sharif (PM), Ishaq Dar (विदेश मंत्री), Syed Asim Munir (सेना प्रमुख)

अब आगे क्या होगा और मौजूदा स्थिति क्या है?

बातचीत खत्म होने के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं। पाकिस्तान ने कहा है कि वह भविष्य में भी बातचीत करवाने में मदद करता रहेगा। इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका और इसराइल के हमलों में 2,000 बच्चों और 5,000 महिलाओं को चोटें आई हैं। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि तकनीकी टीमें अभी भी दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर रही हैं और संपर्क बना हुआ है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com