अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक बार फिर बातचीत की तैयारी हो रही है. व्हाइट हाउस ने बताया है कि इस दूसरे दौर की बैठक के लिए पाकिस्तान में चर्चा चल रही है. हालांकि, बातचीत के साथ ही अमेरिका ने ईरान और रूस के तेल पर अपनी पाबंदियों को और सख्त कर दिया है जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल बढ़ गई है.
पाकिस्तान में बातचीत और मध्यस्थता की क्या स्थिति है?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने तनाव कम करने और दूसरी दौर की बातचीत तय करने के लिए तेहरान का दौरा किया है. इससे पहले हुई पहली बैठक में अमेरिका ने ईरान से 20 साल तक परमाणु कार्यक्रम रोकने का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात पर उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान में सीधी बातचीत शुरू हो सकती है.
तेल प्रतिबंध और आर्थिक दबाव के नए नियम क्या हैं?
अमेरिका ने ईरान और रूस से तेल खरीदने वाले कुछ देशों को मिलने वाली विशेष छूट को खत्म करने का फैसला किया है. 19 अप्रैल 2026 को ईरान के तेल शिपमेंट पर मिली 30 दिनों की छूट समाप्त हो जाएगी और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इसे आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति बताया है. साथ ही मध्य पूर्व और पूर्वी एशिया के बैंकों को चेतावनी दी गई है कि वे ईरान से जुड़े लेन-देन बंद करें, वरना उन पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.
ताजा घटनाक्रम और महत्वपूर्ण तारीखें
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ |
| 14 अप्रैल 2026 | ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकाबंदी पूरी तरह लागू हुई |
| 15 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान में दूसरी दौर की बातचीत के लिए चर्चा शुरू हुई |
| 19 अप्रैल 2026 | ईरानी तेल शिपमेंट की विशेष छूट समाप्त होगी |
