अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शांति बनाने की कोशिशों में सऊदी अरब और तुर्की का दौरा करेंगे. अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों और बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है, जिससे दुनिया भर के राजनयिक हलकों में हलचल मची हुई है.

पाकिस्तान पीएम का सऊदी और तुर्की दौरा क्यों?

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 15 अप्रैल 2026 को रियाद के लिए रवाना होंगे. वहां वह सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात करेंगे. इस दौरे का मुख्य मकसद अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों को बढ़ावा देना है. पाकिस्तान ने जल्द ही दूसरे दौर की बातचीत की मेजबानी करने का प्रस्ताव भी दिया है.

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा हालात क्या हैं?

इस्लामाबाद में हुई पहली सीधी बातचीत बिना किसी औपचारिक समझौते के खत्म हुई. इसके तुरंत बाद 14 अप्रैल को अमेरिकी सेना ने ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में समुद्री यातायात की घेराबंदी शुरू कर दी. ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को समुद्री डकैती करार दिया है. हालांकि, दोनों देशों के बीच 22 अप्रैल तक युद्धविराम लागू है.

क्षेत्रीय देशों और सुरक्षा समझौतों की भूमिका

सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA) है. इसी समझौते के तहत पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपने लड़ाकू विमान और सैन्य बल तैनात किए हैं. सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच भी बातचीत जारी है ताकि इलाके में स्थिरता बनी रहे.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.