अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को खत्म करने के लिए कल पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बड़ी बैठक होने जा रही है। इस बातचीत से पहले पोप लियो XIV ने दोनों देशों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए मसले हल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युद्ध या सैन्य कार्रवाई से कभी भी शांति या आजादी नहीं मिल सकती।

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US-Iran वार्ता में कौन-कौन शामिल होगा?

इस बैठक में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल होंगे। वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ के आने की उम्मीद है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और उन्होंने इस सिलसिले में कई दुनिया के नेताओं से बात की है।

बातचीत का तरीका और मौजूदा स्थिति क्या है?

यह बैठक ‘प्रॉक्सिमिटी टॉक्स’ के तौर पर होगी, जिसका मतलब है कि दोनों देशों के प्रतिनिधि अलग-अलग कमरों में बैठेंगे और पाकिस्तानी अधिकारी उनके बीच संदेश पहुंचाएंगे।

  • तारीख: व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि बातचीत 11 अप्रैल 2026 से शुरू होगी।
  • युद्धविराम: 8 अप्रैल से दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम लागू है, लेकिन इसे काफी नाजुक बताया जा रहा है।
  • अमेरिकी रुख: उपराष्ट्रपति JD Vance ने उम्मीद जताई है कि बातचीत सकारात्मक होगी, लेकिन साथ ही ईरान को चेतावनी भी दी है।
  • प्रस्ताव: ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के एक 15-सूत्रीय प्रस्ताव का जिक्र किया है जो संघर्ष को खत्म कर सकता है।