US और Iran के बीच पाकिस्तान में फिर होगी बातचीत, Trump ने दी मोहलत लेकिन कहा घड़ी टिक-टिक कर रही है
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान एक बार फिर मध्यस्थ बन रहा है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ युद्ध रोकने के लिए युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा बढ़ा दी है। इस शनिवार और रविवार को इस्लामाबाद में दोबारा बातचीत होनी है, जिसमें अमेरिकी और ईरानी अधिकारी शामिल होंगे। हालांकि, दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अभी भी बनी हुई है।
इस बार बातचीत में कौन शामिल होगा और क्या है योजना?
इस बार की बातचीत में अमेरिका की तरफ से स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और Jared Kushner प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उपराष्ट्रपति JD Vance इस दौर में शामिल नहीं हो रहे हैं, लेकिन वे स्टैंडबाय पर रहेंगे। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री Abbas Araghchi इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। ईरान के आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि उनकी यह यात्रा पहले पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय चर्चा के लिए है, फिर अमेरिका से बात होगी।
बातचीत में मुख्य मुद्दे क्या हैं और अब तक क्या हुआ?
अमेरिका की मुख्य शर्त यह है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करे और परमाणु सामग्री को सौंप दे। साथ ही Trump चाहते हैं कि Strait of Hormuz को पूरी तरह खोला जाए। इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को हुई 21 घंटे की लंबी बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने ईरान की समुद्री नाकेबंदी (naval blockade) शुरू कर दी थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir इन दोनों देशों को करीब लाने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान का क्या कहना है और Trump का रुख क्या है?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि उनके पास दोबारा बातचीत का कोई प्लान नहीं है क्योंकि अमेरिका ने उनके एक कार्गो शिप को जब्त किया था। ईरान को लगता है कि उसे धोखा दिया जा रहा है। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति Trump ने Truth Social पर पोस्ट किया कि उनके पास दुनिया का सारा समय है लेकिन ईरान के पास नहीं। उन्होंने साफ कहा कि वह जल्दबाजी में नहीं हैं और अब घड़ी टिक-टिक कर रही है।