अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर बड़ी कोशिश हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिकी negotiators सोमवार, 20 अप्रैल को बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं। यह मीटिंग बहुत अहम है क्योंकि दोनों देशों के बीच चला रहा युद्धविराम (ceasefire) अब खत्म होने वाला है और समय बहुत कम बचा है।

बातचीत में किन मुख्य बातों पर होगी चर्चा?

अमेरिका और ईरान के बीच कई कड़े मुद्दों पर असहमति है। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम बनाना पूरी तरह बंद करे और अपने परमाणु केंद्रों को नष्ट कर दे। साथ ही, अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी टोल के पूरी तरह खोलने की मांग की है ताकि समुद्री व्यापार प्रभावित न हो। दूसरी ओर, ईरान चाहता है कि उसे इस समुद्री रास्ते पर कंट्रोल मिले और युद्ध के कारण हुए नुकसान का हर्जाना दिया जाए। ईरान ने अपनी शर्तों में लेबनान में भी शांति की मांग को शामिल किया है।

अमेरिका और ईरान की मांगों की पूरी लिस्ट

पक्ष मुख्य मांगें
अमेरिका (US) यूरेनियम बनाना बंद करना, परमाणु केंद्र हटाना, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बिना टोल खोलना, मिलिटेंट ग्रुप्स की फंडिंग रोकना
ईरान (Iran) हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर कंट्रोल, युद्ध हर्जाने का भुगतान, लेबनान समेत पूरे इलाके में शांति, ट्रांजिट फीस वसूलने का अधिकार

ट्रंप की चेतावनी और पाकिस्तान का रोल

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो वह ईरान के हर पावर प्लांट और पुल को तबाह कर देंगे। उन्होंने ईरान पर ceasefire तोड़ने का आरोप लगाया है, क्योंकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले की खबरें आई हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे एक निर्णायक समय बताया है, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा है कि ईरान अब तक अमेरिका की शर्तों को मानने में नाकाम रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.