अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान में एक बार फिर बातचीत होने जा रही है। इस बार अमेरिकी टीम की अगुवाई JD Vance नहीं बल्कि स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर करेंगे। पिछले दौर की बातचीत विफल होने के बाद अब दुनिया की नज़रें इस्लामाबाद पर टिकी हैं।

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इस बार बातचीत में कौन-कौन शामिल होगा और क्या है योजना

नए दौर की बातचीत 25 और 26 अप्रैल को इस्लामाबाद, पाकिस्तान में होगी। अमेरिका की तरफ से स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और Jared Kushner टीम का नेतृत्व करेंगे। व्हाइट हाउस ने साफ़ किया है कि JD Vance को इस बार नहीं भेजा गया क्योंकि पिछली मुलाकात से कोई नतीजा नहीं निकला था। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री Abbas Araghchi 24 अप्रैल को इस्लामाबाद पहुँच चुके हैं, हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका के साथ अभी किसी बैठक की योजना नहीं है और वे सिर्फ पाकिस्तान को अपनी बात पहुँचाएंगे।

पिछली बातचीत क्यों फेल हुई और अब क्या स्थिति है

इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में 21 घंटे तक बातचीत चली थी। यह मीटिंग इसलिए नाकाम रही क्योंकि अमेरिका ने शर्त रखी थी कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, जिसे ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। इस असफलता के बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करने का संकेत दिया था। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका के संकेतों को विरोधाभासी बताया और इसे ईरान के आत्मसमर्पण की कोशिश कहा था।

तनाव बढ़ाने वाले नए कदम और ट्रंप का बयान

बातचीत की कोशिशों के बीच अमेरिका ने सख्त कदम उठाए हैं। 25 अप्रैल को अमेरिकी खजाने विभाग ने ईरान से जुड़े 344 मिलियन डॉलर के क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट फ्रीज कर दिए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके पास समय है लेकिन ईरान के पास नहीं और अब समय तेजी से निकल रहा है। हालांकि, ट्रंप ने युद्धविराम की समय सीमा बढ़ा दी है ताकि ईरान एक बेहतर और एकजुट प्रस्ताव लेकर आ सके।