US-Iran Talks Update: पाकिस्तान में होने वाली अमेरिका और ईरान की मीटिंग पर संकट, ईरान कह रहा है कि वह नहीं आएगा
अमेरिका और ईरान के बीच शांति बनाने के लिए पाकिस्तान में मंगलवार को बातचीत होनी थी। लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब इस मीटिंग पर सवाल खड़े हो गए हैं। ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह इस बातचीत में शामिल नहीं होगा, जबकि अमेरिका की टीम पाकिस्तान पहुँचने की तैयारी में है।
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दोनों देशों की मांगें क्या हैं?
- अमेरिका की मांग: ईरान परमाणु हथियार न बनाए, यूरेनियम बनाना बंद करे और होर्मुज जलडमरूमध्य को सबके लिए खोले।
- ईरान की मांग: अमेरिका उन पर लगे प्रतिबंध हटाए, उनके जब्त पैसे वापस करे और भविष्य में हमलों से सुरक्षा की गारंटी दे।
- पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान इस बातचीत में मध्यस्थ बना है ताकि दोनों देश एक समझौते पर पहुँच सकें और युद्ध रुक सके।
मीटिंग में रुकावट क्यों आ रही है?
ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी की है और एक कार्गो शिप को जब्त कर लिया है। ईरान इसे युद्ध अपराध मान रहा है और कह रहा है कि अमेरिका ने सीजफायर के नियमों को तोड़ा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
बातचीत से जुड़ी जरूरी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मीटिंग की तारीख | 21 अप्रैल 2026 |
| स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| सीजफायर की समय सीमा | 22 अप्रैल 2026 तक |
| अमेरिकी प्रतिनिधि | JD Vance |
| ईरानी प्रवक्ता | Esmaeil Baghaei |
| मुख्य विवाद | अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी और जहाज की जब्ती |
| मध्यस्थ | प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ |