अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत पर फिलहाल रोक लग गई है. पाकिस्तान में 11 जुलाई को होने वाली इस मीटिंग को अब आगे बढ़ा दिया गया है. ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खमेनेई के निधन के बाद यह फैसला लिया गया है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 4 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि अमेरिका ने ईरान को सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की छुट्टी दी है. यह प्रक्रिया 4 जुलाई से शुरू हुई और 9 जुलाई तक चलने की उम्मीद है. इस वजह से दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत अभी रुकी हुई है.

अगली मीटिंग कहां और कब होगी

कतर और पाकिस्तान इस मामले में बीच-बचाव कर रहे हैं. कतरी और पाकिस्तानी मध्यस्थों ने 2 जुलाई 2026 को बताया था कि दोहा में हुई बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है. अब अगली मीटिंग अंतिम संस्कार के बाद जल्द से जल्द तय की जाएगी. कुछ सूत्रों का कहना है कि सीधी बातचीत जुलाई के तीसरे हफ्ते में Doha में हो सकती है.

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

आने वाली मीटिंग में मुख्य रूप से इन बातों पर चर्चा होनी है:

  • ईरान पर लगे प्रतिबंध (Sanctions)
  • ईरान की जमी हुई संपत्ति (Frozen Assets)
  • परमाणु मुद्दे (Nuclear Issues)
  • Strait of Hormuz का प्रबंधन और उसे फिर से खोलना

ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान और उसकी जमी हुई संपत्ति का मामला पूरी तरह हल नहीं हो जाता, वह परमाणु मुद्दों पर बात नहीं करेगा.

तनाव और चेतावनी

बातचीत के बीच ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने फ्रांस और ब्रिटेन को गंभीर चेतावनी दी है. उन्होंने Strait of Hormuz में इन देशों की सैन्य मौजूदगी पर सवाल उठाए और कहा कि इस रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी ईरान की है.

बैठक में शामिल होने वाले अहम लोग

पिछली बैठकों के आधार पर अमेरिका की तरफ से Vice President JD Vance और Special Envoy Steve Witkoff जैसे बड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं. ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi के आने की उम्मीद है, हालांकि उनकी टीम का अंतिम फैसला अंतिम संस्कार के बाद होगा. मेजबान के तौर पर पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir जैसे बड़े नाम शामिल रह सकते हैं.