अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर बातचीत की तैयारी हो रही है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बुधवार को बताया कि दूसरे दौर की मीटिंग पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो सकती है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि फिलहाल बातचीत सही दिशा में जा रही है और जल्द ही कोई समझौता हो सकता है।

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पाकिस्तान की क्या भूमिका है और बातचीत कब होगी?

पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में एक मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir एक प्रतिनिधिमंडल के साथ 15 अप्रैल को तेहरान गए थे ताकि वॉशिंगटन का संदेश ईरान तक पहुँचाया जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि बातचीत अगले दो दिनों में शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच लागू दो हफ्ते का युद्धविराम 21 अप्रैल को खत्म होने वाला है, जिससे पहले यह मीटिंग बेहद अहम मानी जा रही है।

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद और शर्तें क्या हैं?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने ईरान को एक ‘ग्रैंड बार्गेन’ (बड़ा समझौता) देने की बात कही है ताकि छह हफ्ते से चल रहे युद्ध को खत्म किया जा सके और परमाणु कार्यक्रम का विवाद सुलझाया जा सके। दूसरी तरफ, ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी नहीं हटाई, तो वह लाल सागर के व्यापार को बंद कर देगा। IAEA के प्रमुख Rafael Grossi ने साफ किया है कि किसी भी समझौते में ईरान की परमाणु गतिविधियों की कड़ी जांच होनी चाहिए।

UAE और चीन का इस मामले में क्या रुख है?

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। 15 अप्रैल को UAE के डिप्टी पीएम Sheikh Mansour bin Zayed Al Nahyan ने ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf से फोन पर चर्चा की। वहीं, राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने उन्हें भरोसा दिया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं दे रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को स्थायी रूप से खोलने की योजना बना रहे हैं।

प्रमुख व्यक्ति/संस्था भूमिका/अपडेट
Donald Trump अमेरिकी राष्ट्रपति, समझौते को लेकर आशावादी
Karoline Leavitt प्रेस सचिव, इस्लामाबाद में मीटिंग की पुष्टि की
Asim Munir पाकिस्तानी आर्मी चीफ, तेहरान में मध्यस्थता की
Sheikh Mansour UAE डिप्टी पीएम, ईरान के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत
J.D. Vance अमेरिकी उपराष्ट्रपति, ‘ग्रैंड बार्गेन’ का प्रस्ताव दिया
Rafael Grossi IAEA प्रमुख, परमाणु जांच पर जोर दिया
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.