अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत टल गई है। यह मीटिंग 19 जून को स्विट्जरलैंड के बर्गेंस्टॉक रिसॉर्ट में होनी थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है। कतर इस पूरी प्रक्रिया में मदद कर रहा है ताकि गल्फ क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।

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मीटिंग टलने की वजह और अपडेट

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance इस मीटिंग का नेतृत्व करने के लिए स्विट्जरलैंड जाने वाले थे, लेकिन गुरुवार देर रात उनकी यात्रा रद्द कर दी गई। व्हाइट हाउस ने बताया कि इस बातचीत के इंतजाम और लॉजिस्टिक्स काफी जटिल थे, इसलिए फिलहाल तकनीकी बातचीत शुरू होने का इंतजार है।

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए बातचीत अभी भी चल रही है और आने वाले कुछ दिनों में अगले दौर की मीटिंग की योजना बनाई जाएगी। हालांकि, ईरान की तस्नीम एजेंसी ने कहा है कि अभी तक प्रतिनिधिमंडल के स्विट्जरलैंड जाने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

लेबनान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य का असर

माना जा रहा है कि बातचीत में इस देरी की बड़ी वजह लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ा तनाव है। ईरान का कहना है कि अंतिम समझौते की बातचीत लेबनान सीमा पर स्थिरता आने के बाद ही आगे बढ़ेगी।

राहत की बात यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो रही है। अमेरिका ने अपनी नौसेना की पाबंदियां हटाना शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि अगले 30 दिनों में सभी प्रतिबंध पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।

इस्लामाबाद समझौता और कतर की भूमिका

इससे पहले 17 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MOU) पर डिजिटल हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इस MOU के तहत 60 दिनों का समय तय किया गया है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने इस बातचीत का पूरा समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत होगी और विकास के नए रास्ते खुलेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में स्विट्जरलैंड की सरकार भी मदद कर रही है और उन्होंने भविष्य की मीटिंग्स के लिए अपनी तैयारी पूरी रखी है।